शिक्षक युक्तियुक्तकरण के खिलाफ देवरहा के ग्रामीणों ने जताया विरोध

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जांजगीर-चांपा। प्रदेश में चल रहे शिक्षक युक्तियुक्तकरण अभियान के चलते एक ओर जहां हजारों स्कूल बंद हो रहे हैं, वहीं कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी उत्पन्न हो गई है। बलौदा विकासखंड के ग्राम देवरहा का शासकीय नवीन प्राथमिक शाला भी इसी प्रक्रिया का शिकार हो गया है, जिससे यहां की शिक्षा व्यवस्था पर संकट मंडराने लगा है।

ग्राम देवरहा के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के बाद अब केवल एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक शेष बचे हैं, जिन्हें विद्यालय की कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई करानी है। इस पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताते हुए एक बैठक की और शासन से 2008 के सेटअप के अनुसार कम से कम तीन शिक्षक पदस्थ करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक शिक्षक छुट्टी पर चला गया या अस्वस्थ हो गया तो विद्यालय एकल शिक्षकीय बन जाएगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो जाएगी।

ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका माधुरी पाटकर को यथावत रखा जाए और एक अतिरिक्त सहायक शिक्षक को भी विद्यालय में पदस्थ किया जाए, ताकि पांच कक्षाओं के लिए न्यूनतम तीन शिक्षक उपलब्ध हो सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि जो अधिकारी और नेता गुणवत्ता सुधार की बात करते हैं, क्या वे स्वयं आकर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने तैयार हैं।

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