
बिलासपुर। नशा के अवैध कारोबारियो पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए बिलासपुर पुलिस ने उनकी संपत्ति न्यायालय के माध्यम से सीज करना शुरू कर दिया है एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा चलाए जा रहे चेतना अभियान के अंतर्गत समाज को खोखला कर रहे नशा के कारोबारी पर बड़ा प्रहार करते हुए बिलासपुर पुलिस ने मादक पदार्थों का संगठित कारोबार चलाने वाले श्रीवास दम्पति की डेढ़ करोड़ की चाल अचल संपत्ति को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-F के अंतर्गत फ्रीज़ कर SAFEMA विशेष न्यायालय को पुष्टि हेतु भेजा गया है बिलासपुर पुलिस द्वारा चल अचल संपत्ति पर अटैक करने से अवैध नशे के कारोबारियो में हड़कंप मच गया है।
एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व मे बिलासपुर पुलिस ने नशे के कारोबारी पर की जाने वाली औपचारिक कार्रवाई से परे हटते हुए काली कमाई से अर्जित की हुई चल अचल संपत्ति पर प्रहार करना शुरू कर दिया है इसी तारतम्य मे
अभियान चेतना विरुद्ध नशा के तहत बिलासपुर पुलिस ने नशे के अवैध व्यापार में लिप्त आरोपी श्याम श्रीवास और उसकी पत्नी सरोज श्रीवास की ₹1.51 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्ति फ्रीज़ की है।जांच में यह सामने आया कि आरोपी दंपति मादक पदार्थों का संगठित कारोबार चला रहे थे, जिससे अवैध रूप से मोटी कमाई कर रहे थे। इसी आय से उन्होंने ढाबा, फर्नीचर और घरेलू उपकरणों सहित विभिन्न संपत्तियाँ अर्जित है
जब्त की गई संपत्तियों में ग्राम पांड में 20 डिसमिल कृषि भूमि, उस पर बना पक्का ढाबा भवन, दो-दो आइसक्रीम व कोल्ड ड्रिंक फ्रीज़र, Sansui LED टीवी, तीन कूलर, एक 6 सीटों वाला सोफा सेट, वाटर प्यूरिफायर और एक चिड़ीमार बंदूक शामिल हैं।इन सभी संपत्तियों को NDPS अधिनियम की धारा 68-F के अंतर्गत फ्रीज़ कर SAFEMA विशेष न्यायालय को पुष्टि हेतु भेजा गया है।
बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब नशे की कमाई से अर्जित कोई भी संपत्ति पुलिस की निगरानी से बाहर नहीं है।घरेलू वस्तुओं से लेकर ज़मीन तक, हर अवैध सम्पत्ति पर अब कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्याम श्रीवास के विरुद्ध NDPS व आर्म्स एक्ट के तहत कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, वहीं सरोज श्रीवास पर भी एनडीपीएस मामले पंजीबद्ध हैं। दोनों पूर्व में जेल जा चुके हैं। बिलासपुर पुलिस द्वारा अब तक कुल 15 व्यक्तियों की लगभग ₹5.5 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ SAFEMA न्यायालय को भेजी गई हैं।इनमें से 13 लोगों की संपत्ति को SAFEMA कोर्ट द्वारा वैध ठहराया गया है, जबकि एक मामला अभी विचाराधीन है इन संपत्तियों में प्लॉट, वाहन, बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट व बीमा पॉलिसियाँ सम्मिलित हैं।
