
संसद के बजट सत्र (Budget Session) का दूसरा चरण सोमवार (10 मार्च) से शुरू हो रहा है, सदन में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखीं बहस होने के आसार है. बजट सत्र के दूसरे चरण के लिए विपक्ष मणिपुर हिंसा (Manipur Violence), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ की धमकी, संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, वक्फ बिल (Waqf Amendment Bill) जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्लान बना रहा है, जिससे सदन में जमकर हंगामा होने की संभावनाएं हैं.
जानकारी के अनुसार विपक्ष मणिपुर में हिंसा, मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के संबंधों जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है. जबकि सरकार का फोकस वक्फ संशोधन विधेयक पारित करने, अनुदान मांगों के लिए संसद की मंजूरी प्राप्त करने, मणिपुर बजट के लिए अनुमोदन, बजटीय प्रक्रिया पूरी करने पर होगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए संसद की मंजूरी के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव पेश कर सकते हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को मणिपुर का बजट भी पेश करेंगी. क्योंकि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है.
वक्फ बिल पारित कराने पर होगा फोकस
केंद्र सरकार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक को जल्दी पारित कराना पहली प्राथमिकता होगा. गौरतलब है कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में संपन्न हुए इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा था कि सरकार वक्फ संशोधन विधेयक को जल्दी पारित कराने की इच्छुक है. उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दों का हल होगा. बजट सत्र के पहले चरण संसद की संयुक्त समिति ने विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच विधेयक पर अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर दी है.
इंडिया गठबंधन करेगी विचार-विमर्श
इधर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेता वक्फ विधेयक का संयुक्त रूप से विरोध करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रहेगी और आरोप लगाएगी कि चुनाव अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रह गए हैं और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है. जयराम रमेश ने आगे कहा कि कांग्रेस बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ट्रंप की रेसिप्रोकल-टैरिफ की धमकियों का मुद्दा उठाएगी और इन धमकियों से निपटने के लिए द्विदलीय सामूहिक संकल्प का आह्वान किया.
