आचार संहिता के बीच कस्तूरबा विद्यालय की अधीक्षिका हटाई गई, नई पोस्टिंग पर छिड़ा सियासी घमासान, BJP नेताओं ने जताई आपत्ति

kasturba ghadhi

गरियाबंद। गरियाबंद के आवासीय कस्तूरबा विद्यालय में लंबे समय से अधीक्षिका की पोस्ट पर जमी रही अमिता मेढ़े को शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी को हटाने का आदेश जारी किया था। इसके तुरंत बाद मैनपुर कस्तूरबा में विज्ञान संकाय की शिक्षिका के रूप में पदस्थ कालेंद्री मरकाम को आगामी आदेश पर्यंत गरियाबंद कस्तूरबा विद्यालय की अधीक्षिका के रूप में पदस्थ कर दिया गया, जिसके आदेश की कॉपी अब राजनीतिक गलियारों में वायरल हो रही है। चर्चा है कि इस आनन-फानन आदेश के पीछे संयुक्त राजनीतिक ताकत काम कर रही है। भाजपा नेताओं ने आदर्श आचार संहिता के बीच निकाले गए इस आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई है।

बता दें कि चर्चा यह भी है कि कालेंद्री मरकाम, मैनपुर ब्लॉक की महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रियंका कपिल की सगी छोटी बहन हैं। प्रियंका क्षेत्र क्रमांक 7 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। जारी आदेश को राजनीतिक प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने डीईओ ए.के. शाश्वत एवं डीएमसी खेल सिंह नागेश से मौखिक चर्चा कर आपत्ति जताई है।

अधीक्षिका अमिता मेढ़े को हटाए जाने का आदेश

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शिक्षिका कालेंद्री मरकाम की पोस्टिंग का आदेश

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मैनपुर कस्तूरबा में शिक्षकों की कमी, प्रभावित होगा अध्यापन कार्य

मैनपुर कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में केवल 3 शिक्षिकाएं थीं, कालेंद्री को प्रभार देने के बाद अब यहां दो शिक्षिकाएं रह जाएंगी। परीक्षा सिर पर है, ऐसे में विज्ञान संकाय का पद रिक्त होने से अध्यापन पर असर पड़ेगा। जबकि गरियाबंद में 4 शिक्षिकाएं पहले से मौजूद हैं। अधीक्षिका के रिक्त पद को गरियाबंद कस्तूरबा से भी प्रभार देकर भरा जा सकता था। आपको बता दें कि कालेंद्री मरकाम कस्तूरबा सेटअप की शिक्षिका होते हुए भी मैनपुर पो. मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास की अधीक्षिका के अतिरिक्त प्रभार में भी हैं। मैडम मरकाम के प्रभाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

गार्ड ने पोल खोल दी, तो हटाई गई

गरियाबंद कस्तूरबा की अधीक्षिका अमिता मेढ़े पर हॉस्टल की छात्राओं से घरेलू कार्य करवाने एवं बार-बार उन्हें घर व बाहर ले जाने के अलावा कई संवेदनशील गंभीर आरोप लगाए गए थे। होस्टल की महिला गार्ड ने यह पोल खोली थी। मामले की जांच डीईओ ए.के. शाश्वत के नेतृत्व में की गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। हालांकि, अधीक्षिका द्वारा गार्ड पर भी आरोप लगाए गए थे। जांच प्रतिवेदन के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया। अमिता मेढ़े का मूल पदस्थापना (वेतन आहरण संस्था) दीवानमूड़ा हाई स्कूल है, लेकिन उसे गिरशुल हाई स्कूल में पदस्थ किया जाना भी समझ से परे है। व्याख्याता संवर्ग को डीईओ द्वारा अध्यापन आदेश दिया जाना चाहिए था, जो नहीं किया गया।

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