
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन, रायपुर में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट्स पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं निचले स्तर पर जाकर योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करें।
🔹 जमीनी हकीकत देखने पर जोर
राज्यपाल ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी इन क्षेत्रों के ग्रामों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करें। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केंद्र सरकार द्वारा तय मूलभूत सुविधाएं — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जल, और ऊर्जा — उपलब्ध कराना है।
🔹 समन्वय और समयसीमा पर बल
राज्यपाल श्री डेका ने अधिकारियों से कहा कि योजनाएं समयबद्ध रूप से पूरी हों, इसके लिए सही कार्यपद्धति (एप्रोच) अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर बल दिया।
🔹 पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन की प्राथमिकता
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सतत् विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। विकास कार्यों में पेड़ों को संरक्षित रखने, जलस्तर और वर्षा के मापन, और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने को कहा।
राज्यपाल ने सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र की चुनौतियों का समन्वित समाधान निकालने की बात कही।
🔹 आंगनबाड़ी, स्व सहायता समूह और नवाचार पर फोकस
बैठक में आंगनबाड़ी निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। राज्यपाल ने कहा कि आंगनबाड़ियों को केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि लाइवलीहुड गतिविधियों से भी जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों की गतिविधियों की सराहना की और निर्देश दिए कि पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए। नवाचार करने वाले समूहों को राजभवन द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।
🔹 कौशल विकास और स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका
राज्यपाल श्री डेका ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से स्थानीय नवाचार को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
