2400 साल पुराने सिक्के, नोट से लेकर ब्रिटिशकाल के टेलीफोन को देखने उमड़ी भीड़, बच्चे से लेकर बूढ़े तक देश-विदेश की मुद्रा प्रणालियों की ले रहे जानकारी

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रायपुर। राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित श्रीरामनाथ भीमसेन भवन में दक्षिण कौशल मुद्रा परिषद की ओर से लगाई गई अनूठी प्रदर्शनी ने लोगों को खूब आकर्षित किया. भीड़ इतनी जबरदस्त थी कि बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. देखने वालों को लग रहा था जैसे किसी बड़ी दुकान पर बंपर ऑफर वाली सेल लगी हो. प्रदर्शनी में फैंसी नंबर वाले नोट और सिक्के तो हैं ही, इसके अलावा पुराने टेलीफोन, कैसेट्स, कैमरे, पेजर, कंपास, मूर्तियां, रत्न, और यहां तक कि बाबा आदम जमाने के बर्तन तक लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. यह प्रदर्शनी 21 सितंबर तक सुबह 10.30 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी.

इस प्रदर्शनी के आयोजक अभिषेक बंसल ने बताया कि दक्षिण कौशल मुद्रा परिषद-2025 की ओर से शुक्रवार को श्रीरामनाथ भीमसेन भवन समता कॉलोनी में तीन दिवसीय दक्षिण कौशल मुद्रा प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ. छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसी प्रदर्शनी पहली बार लगाई जा रही है, जिसमें फैंसी नंबर के नोट व सिक्के, पुराने टेलीफोन, कैसेट्स, कैमरे, पेजर, बाबा-आदम जमाने के बर्तन, मूर्तियां, कंपास, रत्न और कई प्रकार की अनूठी चीजों को देखने का अवसर नगरवासियों को मिल रहा है. इन चीजों का ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व और दुर्लभ रहा है. पुरानी विलुप्त होती संस्कृति से लोगों को जागरूक करने यह प्रदर्शन लगाई है. रविवार शान 7 बजे तक यह प्रदर्शन लगाई जाएगी.

वहीं संजय चोपड़ा ने खास बात बताई कि इसमें एक बात और यह भी है. की किसी भी नोट में 1 लाख नोट के बीच एक सीरियल नंबर के एक नोट होते है. करीब 20 से ज्यादा एक ही सीरियल नंबर के नोट हमने सजाए हैं. उसकी भी प्रदर्शन यहां लगी है. कई सालों के मेहनत के बाद ऐसे नोट हमे मिलते है. एक लाख नोट के बीच एक ही सीरियल नंबर का नोट होता है और एक ही सीरियल नंबर के 20 से ज्यादा नोट हमने सजाए हैं. ऐसी अलग-अलग तरह की प्रदर्शनी भी लगाई गई है.

बता दें, राष्ट्रीय स्तर की इस प्रदर्शनी में कुल 30 स्टॉल्स लगाए गए हैं. जिनमें मुंबई, कोलकाता, मद्रास, दिल्ली, बंगलुरु, नागपुर और छत्तीसगढ़ के संग्रहकर्ता अपने साथ दुर्लभ, प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व की चीजें लेकर पहुंचे हैं. चीजों की दुर्लभता व ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व के आधार पर संग्रहकर्ताओं द्वारा उनके मूल्य का निर्धारण भी किया गया है. जिन्हें उचित मूल्य देकर ये यादगार चीजें खरीदी भी सकती हैं. प्रदर्शनी स्थल श्रीरामनाथ भीमसेन भवन के भूतल में प्रदर्शित चीजों को देखने के अलावा खरीदा भी जा सकता है. जबकि प्रथम तल पर रखी गईं दुर्लभ-ऐतिहासिक वस्तुओं को केवल देखा जा सकता है.

प्रदर्शनी की विशेषताएं:
– भारतीय नोट: प्रदर्शनी में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए गए विभिन्न प्रकार के नोटों का प्रदर्शन किया गया है, जिनमें उनकी सुरक्षा विशेषताएं और डिजाइन शामिल हैं.

– मुगल काल और विरासत सिक्के: प्रदर्शनी में मुगल काल और विरासत सिक्कों का भी प्रदर्शन किया गया है, जो भारत की समृद्ध इतिहास और संस्कृति को दर्शाते हैं.

– विदेशी मुद्रा: प्रदर्शनी में विदेशी मुद्राओं का भी प्रदर्शन किया गया है, जो विभिन्न देशों की आर्थिक प्रणालियों और मुद्रा प्रणालियों को दर्शाती हैं.

“दक्षिण कोसल मुद्रा उत्सव 2025 न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति से जुड़ने का बेहतरीन अवसर है. पुराने सिक्के और नोट देखने का यह अनोखा आयोजन बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सभी के लिए जानकारी और प्रेरणा का स्रोत बनेगा.

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